Trump Davos Speech 2026 में World Economic Forum के मंच से Donald Trump ने रूस-यूक्रेन युद्ध, भारत-अमेरिका रिश्तों और वैश्विक व्यापार पर खुलकर अपनी बात रखी। उनके बयान अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गए।

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित World Economic Forum (WEF) में इस बार सबसे ज्यादा सुर्खियाँ बटोरीं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के भाषण ने। अपने चिर-परिचित बेबाक और आक्रामक अंदाज़ में ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर भारत-अमेरिका संबंधों और ग्लोबल ट्रेड डील्स तक कई बड़े मुद्दों पर बयान दिए।
उनके भाषण का हर हिस्सा या तो तालियों से गूंजा या विवादों में घिर गया। खासकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को लेकर की गई टिप्पणी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी।
🌍Trump Davos Speech 2026रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का विवादित बयान
दावोस के मंच से बोलते हुए ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को “दुनिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक विफलता” बताया। Trump Davos Speech 2026 के दौरान उन्होंन सीधे तौर पर रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin और यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy—दोनों को इस युद्ध के लिए ज़िम्मेदार ठहराया।
ट्रंप ने कहा:
“अगर सही समय पर सही फैसले लिए जाते, तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। दोनों नेताओं ने बेवकूफी भरे फैसले किए, जिसकी कीमत आम लोगों को चुकानी पड़ी।”
उन्होंने दावा किया कि उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान रूस-यूक्रेन जैसे टकराव को कूटनीति के ज़रिये संभाला गया था। ट्रंप का कहना था कि यदि वे सत्ता में होते, तो यह युद्ध “24 घंटे के अंदर” खत्म कराया जा सकता था।
हालांकि,Trump Davos Speech 2026 इस बयान को लेकर यूरोपीय नेताओं और विश्लेषकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि युद्ध की जटिलता को केवल व्यक्तिगत निर्णयों तक सीमित करना सही नहीं है।
Trump Davos Speech 2026 पीएम मोदी की जमकर तारीफ, भारत को बताया ग्लोबल पावर
जहां एक ओर ट्रंप का भाषण विवादों में रहा, वहीं भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर उनके शब्द पूरी तरह सकारात्मक रहे।
“प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को जिस दिशा में आगे बढ़ाया है, वह असाधारण है। भारत अब सिर्फ एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक ग्लोबल पावर बन चुका है।”
उन्होंने भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि, डिजिटल क्रांति, मैन्युफैक्चरिंग बूम और स्टार्टअप कल्चर की विशेष रूप से तारीफ की। ट्रंप के मुताबिक, भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक सप्लाई चेन का बड़ा केंद्र बन सकता है।

🤝 भारत-अमेरिका रिश्तों पर बड़ा संकेत
ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को 21वीं सदी की सबसे अहम रणनीतिक साझेदारी करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लोकतंत्र, तकनीक, रक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह टिप्पणी केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि आने वाले समय में भारत को मिलने वाले संभावित आर्थिक लाभों का संकेत भी हो सकती है।
💼Trump Davos Speech 2026 ट्रेड डील पर ‘गुड न्यूज’ – निवेशकों में उत्साह
दावोस भाषण का सबसे सकारात्मक और चर्चित हिस्सा रहा ट्रेड डील को लेकर ट्रंप का बयान। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका जल्द ही कई देशों के साथ नई और “फेयर” ट्रेड डील्स पर काम करेगा।
भारत को लेकर ट्रंप ने कहा कि:
- दोनों देशों के बीच व्यापार को सरल बनाने पर बातचीत जारी है
- टैरिफ और मार्केट एक्सेस जैसे मुद्दों पर व्यावहारिक समाधान निकाले जा सकते हैं
- भारत-अमेरिका ट्रेड वॉल्यूम को कई गुना बढ़ाने की संभावना है
इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों और निवेशकों में उत्साह देखा गया। भारत के व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकेत वास्तविक नीति में बदलता है, तो भारतीय निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है।
📊 वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ट्रंप का नजरिया
ट्रंप ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि अत्यधिक नियम और प्रतिबंध विकास की सबसे बड़ी बाधा हैं। उन्होंने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती, निवेश-अनुकूल नीतियों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को आर्थिक मजबूती की कुंजी बताया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका निवेश के लिए अब भी सबसे सुरक्षित और मजबूत बाजार है, लेकिन भारत जैसे देशों में भी “बेहद आकर्षक अवसर” मौजूद हैं।
⚠️ आलोचना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ट्रंप के भाषण के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तीखी बहस शुरू हो गई।
जहां उनके समर्थकों ने इसे “सच्चाई से भरा बयान” बताया, वहीं आलोचकों का कहना है कि इस तरह की भाषा वैश्विक कूटनीति को नुकसान पहुंचा सकती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर टिप्पणी को लेकर खास तौर पर यूरोप में नाराज़गी देखने को मिली, जबकि भारत में पीएम मोदी की तारीफ और ट्रेड डील संकेतों का स्वागत किया गया।
🔚 निष्कर्ष
दावोस में Donald Trump Davos Speech 2026 का भाषण एक बार फिर साबित करता है कि वे वैश्विक मंच पर ध्यान आकर्षित करना अच्छी तरह जानते हैं।
पुतिन-जेलेंस्की पर विवादित टिप्पणी, पीएम मोदी की खुली तारीफ और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सकारात्मक संकेत—इन तीनों ने उनके भाषण को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि ये बयान केवल शब्दों तक सीमित रहते हैं या आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में वास्तविक बदलाव की भूमिका निभाते हैं।